Dosti sayri

निकला है चांद तो दिखाई जरूर देगा आई है खुशियाँ तो लोग बधाई जरूर देंगे ये मेरे दोस्त दोस्ती की है तुमसे एक आंसू💧 भी गिरेगा तो सुनाई जरूर देगा.

दोस्तों इस जमाने को क्या हो गया
जिसको चाहा वही वेवफा हो गया

जमाने से हम नहीं बल्कि जमाना हमसबों से है

दोस्ती नजरों से हो तो उसे कुदरत कहते है
चांद सितारों से हो तो जन्नत कहते है
हसीनों से हो तो मुहब्बत कहते है
और आपसे हो तो उसे किस्मत कहते है ।

पैसों से इतना अमीर तो नहीं हु।  
पर यारों का गम खरीदने का औकात रखता हूं 

दोस्ती देखनी है तो गले लगा के देखना
अगर धड़कने  बढ़ न गई तो दोस्ती ठुकरा देना


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