अगर गम मुहब्बत पे हावी न होता तो खुदा की कसम मै शराबी न होता
ये ना पूछ कितनी शिकायतें हैं तुझसे ऐ ज़िन्दगी,
सिर्फ इतना बता की तेरा कोई और सितम बाक़ी तो नहीं
खामोशी का ताला मेरे लबों पे लगाकर
बातों की सारी चाभियाँ वो साथ ले गये
अपने हसीन ओठों को किसी पर्दे में छिपा लिया करो
हम गुस्ताख लोग हैं नजरों से चुम लिया करते हैं
अब हवाओं ही करेगी रोशनी का फैसला
जिस दिये में जान होगी वह जलता ही रह जाऐगा l
रख खून में ओ उबाल जब तक जवानी है अरे
😋 तेरे इसी आंदाज की तो पूरी दुनिया दीवानी है
तेरे आंखें है मधुशाला इस पे सैर लिखुं या गजल कहुँ तेरे ओठें है सुरख गुलाबी इसे एक प्यारा सा कमल कहुँ
जो भी मिले खिलाड़ी ही निकले;
कोई दिल से खेल गया तो जिंदगी से
शायरियां से बार करना हमे v आता है जनाब
बस डरते इसलिए है कि कही निशाना दिल पे ना लग जाए
ये तो परिंदो की मासूमियत है मुर्शीद
वरना अब दूसरो के घर अब आता जाता कौन है
प्यार में हर दर्द 😍sweet 🥳सा लगता है
तेरा चेहरा 🧕cute 👲सा लगता है
और तुम ना मिले तो ये दिल 💖म्यूट सा लगता है
ना जाने मुहब्बत मे कितने अफसाने बन जाते है
शमां जिनको भी जलाती है ओ परवाने बन जाते है
कुछ हासिल करना ही इश्क की मंजिल नहीं होती
किसी को खोकर भी कुछ लोग दीवाने बन जाते है
मांगा था थोड़ा सा उजाला जिंदगी में
चाहने वालों ने तो आग ही लगा दी
इससे ज्यादा तुझे और कितना करीब लाऊं मै;
तुझे तो दिल में रखकर भी मेरा दिल नही भरता
कौन पूछता है पिंजरों में बंद परिंदो को
तन्हाई वही आते है जो उड़ गए
बहुत हैरान यह सोचकर की जब भी प्यार शब्द आता है
चेहरा तेरा ही क्यों याद आता है
मिटा तो आखें से उसकी तस्बीर ये खुदा ओ तो अब खोब्ब्बो में भी अच्छा नहीं लगता है
जब रूह मे उतर जाता है ;बेपनाह इश्क का समंदर। तो लोग जिंदा तो होते है ;मगर किसी और के अंदर।

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