किसान पुत्र

भरा नहीं जो भावों से बहती जिसमें रसदार नहीं वह ह्रदय नहीं पत्थर है जिसमें किसान आंदोलन के प्रति प्यार नहीं

घर🏡 में टिप-टिपाती रहती है फिर भी बारिश की दुआ करते हैं







 
 

Post a Comment

1 Comments