Teachers day pe sayari

 रोशनी बन कर आये जो मेरे जिंदगी में                          वैसे गुरु को मै प्रणाम करता हूँ                                  जमिं  से आसमा  तक पहुंचाने के रखते हो जो हुनर         ऐसे गुरु को मै दिल से सलाम करता हूँ

गुमनामी के अंधेरे में था एक पहचान बना दिया               दुनिया के गमो से आपने मुझे अंजान बना दिया              आपकी ऐसी किरपा हुई की आपने मुझे इंसान बना दिया

Author:-Saurav Kumar kushwaha 

Post a Comment

0 Comments